देश की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है — “अब अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा?” उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। उनके इस्तीफे के बाद देश भर में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।अब सबकी नजरें बीजेपी और एनडीए की अगली चाल पर टिकी हैं।
बीजेपी की सोच और रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी इस बार कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। पार्टी इस पद पर किसी दमदार, साफ-सुथरी छवि वाले और विचारधारा से जुड़े व्यक्ति को बैठाना चाहती है।
बीजेपी के पास ऐसे कई नाम हैं -
- कोई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री
- कोई अनुभवी संगठन नेता
- या फिर कोई पूर्व राज्यपाल
और सबसे अहम बात - बीजेपी ये पद किसी सहयोगी दल को देने के मूड में नहीं है।
कौन-कौन हैं रेस में?
राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा हो रही है।
- रामनाथ ठाकुर (कर्पूरी ठाकुर के बेटे) — जेडीयू से हैं, लेकिन बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ।
- राजनाथ सिंह — बीजेपी के वरिष्ठ नेता, लेकिन क्या वो इस भूमिका के लिए तैयार होंगे?
- मनोज सिन्हा — जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और बीजेपी के भरोसेमंद चेहरे।
- नीतीश कुमार — एक चौंकाने वाला नाम, लेकिन अभी तक सिर्फ अटकलें ही हैं।
बीजेपी का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि वो आखिरी वक्त में सरप्राइज देती है। तो हो सकता है इस बार भी ऐसा हो।
बीजेपी की स्थिति मजबूत है
चूंकि एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहुमत है, इसलिए बीजेपी जिसे चाहे, उसे आसानी से उपराष्ट्रपति बना सकती है।
अब सवाल ये है —
- क्या बीजेपी बिहार जैसे चुनावी राज्य को ध्यान में रखकर कोई चेहरा लाएगी?
- या फिर संगठन के किसी मंझे हुए नेता को जिम्मेदारी देगी?
निष्कर्ष:
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा एक बड़ा घटनाक्रम है। अब सभी की निगाहें बीजेपी की अगली चाल पर हैं। क्या वो फिर से चौंकाएगी, या इस बार कोई रणनीतिक और अनुभवी चेहरा सामने आएगा?









